DPR छत्तीसगढ समाचार

CG : ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने प्रशासन तैयार 30 जून 2026 तक जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित

एमसीबी / ग्रीष्म ऋतु के दौरान संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिले में पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण, सुचारू संचालन एवं प्रभावी संधारण हेतु जिला प्रशासन द्वारा जिला एवं उपखंड स्तर पर विशेष पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठ 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा और प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक सक्रिय रूप से कार्य करेगी।
जारी आदेशानुसार पेयजल समस्या से संबंधित सभी शिकायतों, डाक एवं पत्राचार का संचालन संबंधित शाखा द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक नियंत्रण प्रकोष्ठ में शिकायतों के पंजीकरण हेतु विशेष रजिस्टर संधारित किया जाएगा, जिसमें प्राप्त शिकायतों का पूर्ण विवरण, संबंधित सहायक अभियंता/उपअभियंता को सूचना, तथा शिकायतों के तिथिवार निराकरण की स्पष्ट जानकारी दर्ज की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।


जिला स्तर पर खंड कार्यालय एमसीबी सहित प्रत्येक उपखंड मुख्यालय एवं विकासखंड स्तर पर जनपद पंचायत मुख्यालयों में शिकायत पंजी उपलब्ध रहेगा, जहां आमजन अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त नियुक्त अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि प्रभावित ग्रामीण सीधे संपर्क कर सकें।
प्रशासन द्वारा विकासखंड मनेन्द्रगढ़-खड़गवां-भरतपुर एवं जनकपुर क्षेत्र के लिए सहायक अभियंता, उपअभियंता तथा बड़ी संख्या में हैंडपंप तकनीशियनों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये तकनीकी दल खराब हैंडपंपों की मरम्मत, पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं जलापूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने का कार्य करेंगे।

विभाग ने आम जनता से अपील की है कि खराब हैंडपंपों या पेयजल संबंधी समस्याओं की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर मरम्मत एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसहभागिता एवं त्वरित सूचना ही ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से प्रभावी ढंग से निपटने का सबसे मजबूत माध्यम है।
जिला प्रशासन का यह कदम विशेष रूप से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के लिए राहतकारी माना जा रहा है, जहां गर्मी के मौसम में जल संकट की संभावना अधिक रहती है। इस पहल से जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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